बिलासपुर | JMK Hindi
शहर के रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रहे होटलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में सरकंडा क्षेत्र के देवनंदन नगर में अवैध रूप से संचालित एक ओयो होटल को नगर निगम ने सील कर दिया। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायत और जांच के बाद की गई। कार्रवाई के दौरान होटल संचालक और निगम कर्मचारियों के बीच जमकर विवाद भी हुआ।
नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई और आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए।
मोहल्लेवासियों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार देवनंदन नगर के रहवासियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके रिहायशी इलाके में ओयो होटल का अवैध संचालन किया जा रहा है। लोगों का कहना था कि होटल में संदिग्ध गतिविधियों के लिए युवक-युवतियों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा है।
स्थानीय महिलाओं और युवतियों ने भी शिकायत में कहा कि होटल के कारण उन्हें वहां से गुजरने में असुरक्षा महसूस होती है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगम की भवन शाखा ने मौके पर जांच की।
जांच में सामने आई अवैध गतिविधियां
नगर निगम की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिस भवन में होटल चल रहा था, वह पूरी तरह रिहायशी用途 (Residential Use) के लिए स्वीकृत था। मकान मालिक ने नक्शा भी रिहायशी इस्तेमाल के लिए ही पास कराया था, लेकिन बाद में उसी भवन में व्यावसायिक गतिविधि के तहत होटल के रूप में कमरे तैयार कर दिए गए।
भवन शाखा के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण के दौरान पाया कि होटल का संचालन बिना किसी वैधानिक अनुमति के किया जा रहा था, जो नगर निगम के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
सीलिंग के दौरान हुआ विवाद और हंगामा
सोमवार को जब नगर निगम की टीम ओयो होटल को सील करने पहुंची, तो होटल संचालक अंकित सिंह ने कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान निगम कर्मचारियों और होटल संचालक के बीच काफी देर तक विवाद, हंगामा और धक्कामुक्की भी हुई।
हालांकि निगम की टीम ने पुलिस सहयोग से स्थिति को नियंत्रित किया और नियमों के तहत होटल को सील कर दिया गया।
नगर निगम आयुक्त का सख्त बयान
नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने इस मामले में साफ कहा कि
“बिना अनुमति निर्माण और अवैध व्यवसाय के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी भवन मालिक या संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की मनमानी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिहायशी इलाकों में अवैध होटलों पर सख्ती जरूरी
शहर के कई रिहायशी इलाकों में इस तरह से अवैध गेस्ट हाउस और होटल चलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर भी बुरा असर पड़ता है।
नगर निगम की इस कार्रवाई को मोहल्लेवासियों ने राहत भरा कदम बताया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इस तरह की सख्ती जारी रहेगी।

