नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य से रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ी, रोज़मर्रा की ज़िंदगी हुई प्रभावित

manish kumar
5 Min Read

रायपुर | JMK Hindi
सुबह दफ्तर जाने की जल्दी, बच्चों को स्कूल छोड़ने की चिंता और समय पर घर लौटने की उम्मीद—लेकिन इन सबके बीच जब ट्रेन ही रद्द मिल जाए, तो रेल यात्रियों की परेशानी समझना मुश्किल नहीं है। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कई रूटों पर देखने को मिल रहा है।

राजनांदगांव–नागपुर तीसरी रेल लाइन परियोजना के तहत तुमसर रोड यार्ड में 24 जनवरी से 31 जनवरी तक नॉन-इंटरलॉकिंग का काम चल रहा है। इस तकनीकी कार्य के चलते रेलवे ने 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई ट्रेनें बीच रास्ते में समाप्त हो रही हैं या देरी से चल रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ा है, जो रोज़मर्रा के सफर के लिए इन्हीं ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं।

स्टेशन पर दिखी यात्रियों की चिंता

तुमसर रोड, गोंदिया और इतवारी स्टेशन पर सुबह और शाम के समय यात्रियों की भीड़ आम दिनों जैसी तो है, लेकिन चेहरों पर परेशानी साफ नजर आ रही है। कई यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद पता चला कि उनकी ट्रेन रद्द कर दी गई है।

एक दैनिक यात्री ने बताया,
“हम रोज़ इसी पैसेंजर ट्रेन से काम पर जाते हैं। अब ट्रेन रद्द है, तो बस या दूसरे साधन ढूंढने पड़ रहे हैं, जिससे समय और पैसा दोनों ज्यादा लग रहा है।”

ऐसे ही अनुभव कई यात्रियों के हैं, जिनके लिए यह अचानक बदला हुआ शेड्यूल मुश्किलें बढ़ा रहा है।

नॉन-इंटरलॉकिंग क्या है, और क्यों जरूरी होता है?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार नॉन-इंटरलॉकिंग कोई असामान्य प्रक्रिया नहीं है। यह एक जरूरी तकनीकी काम होता है, जिसमें सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक को नई तकनीक से जोड़ा जाता है।
इसका मकसद भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही को सुरक्षित और तेज बनाना होता है।

हालांकि अधिकारी मानते हैं कि इस दौरान रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन लंबे समय में इसका फायदा यात्रियों को ही मिलेगा।

24 से 31 जनवरी तक रद्द की गई ट्रेनें

रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार 24 से 31 जनवरी के बीच कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी।

रद्द रहने वाली प्रमुख ट्रेनें

  • 58817 तुमसर रोड पैसेंजर
  • 58816 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
  • 58815 इतवारी–तिरोडी पैसेंजर
  • 58818 तिरोडी–तुमसर रोड पैसेंजर
  • 68715 बालाघाट–इतवारी–तिरोडी मेमू
  • 68714 इतवारी–बालाघाट मेमू

इन ट्रेनों के रद्द होने से छोटे कस्बों और गांवों से आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

28 से 31 जनवरी के बीच और बिगड़ेगा हाल

रेलवे के मुताबिक 28 जनवरी से 31 जनवरी के बीच कुछ और ट्रेनें भी नहीं चलेंगी, जिससे रेल यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है।

इस अवधि में रद्द ट्रेनें

  • दुर्ग–गोंदिया मेमू
  • गोंदिया–इतवारी मेमू
  • इतवारी–गोंदिया मेमू
  • गोंदिया–दुर्ग मेमू
  • डोंगरगढ़–गोंदिया मेमू

ये ट्रेनें बड़ी संख्या में दैनिक यात्रियों की जीवनरेखा मानी जाती हैं।

यात्रियों का कहना है कि इस तरह बीच में ट्रेन खत्म होने से उन्हें आगे का सफर तय करने में काफी दिक्कत होती है, क्योंकि हर स्टेशन पर वैकल्पिक साधन आसानी से उपलब्ध नहीं होते।

देरी से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें

नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य का असर कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ेगा।

  • 29 जनवरी को इतवारी–कोरबा शिवनाथ एक्सप्रेस लगभग 30 मिनट देरी से चलेगी
  • 31 जनवरी को अहमदाबाद–हावड़ा एक्सप्रेस करीब 40 मिनट नियंत्रित रहेगी

रेलवे की अपील और यात्रियों की उम्मीद

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें। अधिकारियों का कहना है कि यह काम पूरा होते ही ट्रेन संचालन पहले से ज्यादा बेहतर हो जाएगा।

हालांकि यात्रियों की उम्मीद यही है कि काम जल्द पूरा हो, ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सके और रेल यात्रियों की परेशानी कम हो।

Share This Article