मुंबई | JMK Hindi
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर निवेशकों के लिए एक अहम जानकारी सामने आई है। BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) ने घोषणा की है कि 1 फरवरी 2026 को शेयर बाज़ार खुले रहेंगे, जबकि यह दिन रविवार है। आमतौर पर रविवार को शेयर बाज़ार बंद रहता है, लेकिन बजट के महत्व को देखते हुए इस दिन विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा।
स्टॉक एक्सचेंजों की इस घोषणा के बाद शेयर बाज़ार से जुड़े निवेशकों, ट्रेडर्स और वित्तीय संस्थानों में हलचल तेज हो गई है।
बजट 2026 के दिन क्यों खुले रहेंगे शेयर बाज़ार?
BSE और NSE ने 16 जनवरी को जारी अपने-अपने सर्कुलर में स्पष्ट किया कि केंद्रीय बजट 2026 पेश किए जाने के कारण 1 फरवरी को शेयर बाज़ार में सामान्य रूप से ट्रेडिंग कराई जाएगी।
NSE ने अपने सर्कुलर में कहा,
“केंद्रीय बजट के मद्देनज़र सदस्यों को सूचित किया जाता है कि 1 फरवरी 2026 को एक्सचेंज स्टैंडर्ड मार्केट टाइमिंग के अनुसार लाइव ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेगा।”
इस फैसले का मकसद यह है कि बजट से जुड़ी घोषणाओं पर निवेशक तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें और बाज़ार में पारदर्शिता बनी रहे।
ट्रेडिंग का समय क्या रहेगा?
स्टॉक एक्सचेंजों के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को ट्रेडिंग पूरी तरह सामान्य दिनों की तरह होगी।
📊 ट्रेडिंग शेड्यूल
- सुबह 9:15 बजे — बाज़ार खुलेगा
- दोपहर 3:30 बजे — बाज़ार बंद होगा
यानि निवेशकों को किसी विशेष या सीमित समय का सामना नहीं करना पड़ेगा। इक्विटी, डेरिवेटिव्स और अन्य सेगमेंट में भी ट्रेडिंग सामान्य नियमों के अनुसार होगी।
1 फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट 2026
लोकसभा स्पीकर ने पहले ही यह पुष्टि कर दी है कि केंद्रीय बजट 2026
📅 1 फरवरी (रविवार)
⏰ सुबह 11 बजे
लोकसभा में पेश किया जाएगा।
ऐसे में बजट भाषण के दौरान और उसके तुरंत बाद शेयर बाज़ार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि एक्सचेंजों ने रविवार को भी ट्रेडिंग कराने का फैसला लिया है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह दिन?
बजट के दिन शेयर बाज़ार हमेशा संवेदनशील रहता है। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग, रेलवे, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और एफएमसीजी जैसे सेक्टर्स पर बजट घोषणाओं का सीधा असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- बजट से पहले बाज़ार में सावधानी भरा कारोबार देखने को मिल सकता है
- बजट भाषण के दौरान तेज वोलैटिलिटी संभव है
- बजट के बाद सेक्टर-विशेष में तेजी या गिरावट आ सकती है
ऐसे में 1 फरवरी को शेयर बाज़ार का खुला रहना निवेशकों को तुरंत फैसले लेने का मौका देगा।
पहले भी हो चुका है ऐसा फैसला
यह पहली बार नहीं है जब बजट के दिन रविवार को शेयर बाज़ार खोला जा रहा हो। इससे पहले भी विशेष परिस्थितियों में एक्सचेंजों ने छुट्टी के दिन ट्रेडिंग सत्र आयोजित किए हैं। इसका उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि बाज़ार बजट से जुड़ी खबरों पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सके।
निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मार्केट एक्सपर्ट्स निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि:
- अफवाहों के आधार पर ट्रेडिंग न करें
- बजट दस्तावेज़ और आधिकारिक घोषणाओं पर ध्यान दें
- ज्यादा जोखिम लेने से बचें
- स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल जरूर करें
बजट डे ट्रेडिंग में मुनाफे के साथ जोखिम भी अधिक होता है।
Budget 2026 के दिन 1 फरवरी को शेयर बाज़ार का खुला रहना निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका भी है और चुनौती भी। BSE और NSE के इस फैसले से यह साफ है कि बजट से जुड़े हर बड़े फैसले का असर उसी दिन बाज़ार में देखने को मिलेगा।
अब सभी की नजरें 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश होने वाले बजट और उसके बाद शेयर बाज़ार की चाल पर टिकी होंगी।

